हम उसके पीछे जहां जहां भी गए.
कमबख्त दुनिया की हसीन निगाहों ने हमें ढूँढ लिया...
हम ने कोशिश तो बहुत की थी, दुनिया से छिपाने की...
मगर हमारी मोहब्बत का जनाज़ा भी तो उठना बाकी था, जो इस कमबख्त दुनिया ने इस कदर किया..
कि अब ना हमारे घर में ठिकाना रहा ना, ना हमारी माशुका, प्यार के दिल मे...
कहाँ था हमने तुमसे कि ये दुनिया बहुत जालिम है....
अपने घर का काला तो इन्हें दिखता नहीं पर हमारे प्यार के घर को उजाड़ ना इन्हें अच्छे से समझ आता है....
कमबख्त दुनिया की हसीन निगाहों ने हमें ढूँढ लिया...
हम ने कोशिश तो बहुत की थी, दुनिया से छिपाने की...
मगर हमारी मोहब्बत का जनाज़ा भी तो उठना बाकी था, जो इस कमबख्त दुनिया ने इस कदर किया..
कि अब ना हमारे घर में ठिकाना रहा ना, ना हमारी माशुका, प्यार के दिल मे...
कहाँ था हमने तुमसे कि ये दुनिया बहुत जालिम है....
अपने घर का काला तो इन्हें दिखता नहीं पर हमारे प्यार के घर को उजाड़ ना इन्हें अच्छे से समझ आता है....
Thank You
Manazing Dricter of MM Education Hub 🇮🇳
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